ताजा अपडेट और सरकारी राजस्व सूचनाएं (Land Revenue News & Circulars)

सत्यापित नागरिक उत्तर (Verified Direct Answer)

राष्ट्रीय भूलेख एवं भू-नक्शा नागरिक पोर्टल भारत के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के राजस्व विभागों (Revenue Departments), DILRMP आधुनिकीकरण कार्यक्रम, ULPIN भू-आधार और ई-साइन खतौनी से जुड़े आधिकारिक परिपत्रों और गजट अधिसूचनाओं का सत्यापित संकलन उपलब्ध कराता है।

DILRMP Directory ReferenceFree Citizen Educational AccessInformational View Only (Certified Copy Governs)ULPIN Format Standard
आधिकारिक संदर्भ एवं विधिक विवरण (Official Entity Fact Sheet)
क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) संपूर्ण भारत (All 36 States & Union Territories)
प्राधिकरण (Authority) भूमि संसाधन विभाग (DoLR) एवं राज्य राजस्व परिषद (Board of Revenue)
वैधानिक अधिनियम (Statutory Acts) पंजीकरण अधिनियम 1908, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 एवं राज्य भू-राजस्व संहिताएं
डीआईएलआरएमपी स्थिति (DILRMP Status) 100% कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (ROR) एवं जीआईएस कैडस्ट्रल मैपिंग
अपडेट आवृत्ति (Update Cadence) दैनिक एवं साप्ताहिक आधिकारिक परिपत्र ट्रैकिंग

भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी नवीनतम विधिक परिपत्रों, ई-धरती नियमों, और खतौनी में सह-खातेदारों के अंश संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट का प्रामाणिक विवरण नीचे दिया गया है:

1. भू-आधार (ULPIN) 14-अंकीय विशिष्ट पहचान संख्या का राष्ट्रीय विस्तार

केंद्र सरकार के भूमि संसाधन विभाग (DoLR) द्वारा सभी राज्यों में प्रत्येक कृषि एवं आवासीय भूखंड को 14-अंकीय यूनीक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) आबंटित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006, महाराष्ट्र भू-राजस्व संहिता 1966 और पश्चिम बंगाल भूमि सुधार अधिनियम 1955 के अंतर्गत प्लॉट सीमाओं को भू-आधार से जोड़ा जा रहा है।

2. डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी (e-Signed ROR) को विधिक मान्यता

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी के तहत राज्य एनआईसी पोर्टल से डाउनलोड की गई डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी और 7/12 को बैंक ऋण एवं न्यायालयीन साक्ष्य में पूर्ण मान्यता प्रदान की गई है।

3. बैनामा (Sale Deed) के तुरंत बाद स्वतः दाखिल-खारिज (Auto-Mutation)

उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री होते ही नामांतरण आवेदन स्वतः संबंधित तहसीलदार कोर्ट को प्रेषित हो जाता है। 30 दिनों में कोई आपत्ति न होने पर खतौनी में क्रेता का नाम दर्ज करने का नियम कड़ाई से लागू है।

नागरिक विधिक सूचना (Citizen Legal Notice): यह ऑनलाइन पोर्टल एवं सूचनात्मक गाइड जन-सुविधा और शैक्षणिक उपयोग के लिए है। किसी भी कानूनी विवाद, बैनामा रजिस्ट्री, बैंक लोन अथवा न्यायालयीन साक्ष्य (Court Evidence) के लिए संबंधित तहसील या उप-पंजीयक कार्यालय से जारी प्रमाणित प्रति (Certified Copy with Legal Validity) ही मान्य होती है।