वसीयत क्या होती है? वसीयत कैसे लिखी जाती है? | वसीयत कैसे बनायें?

Vasiyat | vasiyat kaise check kare | Vasiyatnama in Hindi | जमीन की वसीयत कैसे होती है | वसीयतनामा कितने प्रकार का होता है | मृत्यु के बाद वसीयत की वैधता

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में जानेगे वसीयत कैसे बनायीं जाती है, वसीयतनामा कितने प्रकार का होता है, मृत्यु के बाद वसीयत की वैधता, वसीयत कौन कर सकता है, योग्यता कितनी होनी चाहिए इन सभी के बारे में जानेगे पूरी प्रक्रिया को जाने आर्टिकल को पूरा पढ़ के –

Vasiyat kya hai?(वसीयत क्या है?)

कम सब्दो में बात करे तो वसीयत एक कानूनी दस्तावेज होता है, जिसमें संपत्ति का मालिक अपनी मृत्यु के पश्चात संपत्ति किसे एवं किस अनुपात में सौंपना चाहता है, इसका विवरण दिया गया है।

वसीयत कौन कर सकता है?

वसीयत के बाद और अब जानेगे वसीयत कौन कर सकता है जैसे कि एक सामान्य बुद्धि वाला कोई भी व्यक्ति वसीयत कर सकता है। शर्त यह है कि वह न्यूनतम आयु 21 वर्ष की उम्र पूरी कर चुका हो तभी वह वसीयत के लिए पात्र माना जायेगा।

क्या एक वसीयत को अपडेट किया जा सकता है?

  • आपको समय-समय पर अपनी वसीयत को पढ़ना चाहिए और अपनी वर्तमान स्थिति और वरीयताओं के अनुसार उसे अपडेट भी करते रहना चाहिए।
  • Example , यदि आपने वसीयत बनाने के बाद कोई संपत्ति है, तो वसीयत को उसी हिसाब से अपडेट कर लेना चाहिए।
  • यह वसीयत पिछली सभी वसीयतों की जगह लेती है, के साथ वसीयत को अपडेट करने की तारीख का उल्लेख करें।

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वसीयत लिखने की सही उम्र कितनी होती है?

  • वसीयत लिखने के लिए कोई उम्र निर्धारित नहीं है।
  • जिस व्यक्ति का दिमाग ठीक हो |
  • जो व्यक्ति बलात्कार का आरोपी नहीं हो |
  • धोखाधड़ी और अवैध (गैरकानूनी) प्रभाव से मुक्त हो |
  • वसीयत के लिए उम्र 21 साल से अधिक हो वह व्यक्ति अपनी वसीयत लिख सकता है।
  • 18वर्ष से उपर के दो व्यक्ति आपकी वसीयत के साक्षी होने चाहिए।
  • इन दोनो में से एक साक्षी को आपके प्रोबेट आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे

वसीयत का पंजीकरण

  • रजिस्ट्रार अथवा उप-रजिस्ट्रार के यहां पर अपनी वसीयत का पंजीकरण करवाना वैकल्पिक होता है |
  • लेकिन ऐसा करना लाभदायक होता है।
  • पंजीकरण करवाने से Vasiyat प्रमाणिक हो जाती है।
  • कभी कभी बैंकों तथा भिन्न भिन्न प्राधिकरणों में पजीकृत Vasiyat की मांग की जाती है।
  • आपको तथा आपकी वसीयत पर हस्ताक्षर (Signature) करने वाले व्यक्तियों को वसीयत की दो मूल हस्ताक्षरित प्रतियों, दो फोटो तथा पहचान के साक्ष्य के साथ रजिस्ट्रार के Office में जाना होगा।
  • बहुत कम शुल्क की अदायगी करने पर वसीयत का पंजीकरण करवाया जा सकता है तथा इसमें अधिक समय नहीं लगता है (सामान्यतय आधा दिन के अंदर )।

वसियत बनाने के लिए निम्न बातो का ध्यान रखे

  • सबसे पहले अपने वकील से सलाह ले |
  • अपनी परिसंपत्तियों की एक सूची तैयार करें|
  • अपनी पूरी जानकारी प्रदान करें (वसीयत से सम्बन्धी)
  • एक निष्पादक नियुक्त करें (जो व्यक्ति को वसीयत को उत्तराधिकारी समझता हो)
  • बकाया ऋण और देनदारियों (बकाया ऋण चुकाने का प्रावधान रखना पड़ेगा |
  • डॉक्टर का प्रमाण पत्र  (लिखित प्रमाण पत्र की वसीयत कर्ता फिट नहीं या है सर्टिफिकेट/ प्रमाण पत्र )
  • वसीयत की सुरक्षा (आपको अपनी वसीयत को पंजीकृत कराना चाहिए, ताकि वसीयत के साथ छेड़छाड़ ना हो सके, उसे नष्ट, खोया या चोरी न किया जा सके)

वसीयत प्रश्नोत्तर

वसीयत क्या है?

वसीयत एक कानूनी दस्तावेज होता है, जिसमें संपत्ति का मालिक अपनी मृत्यु के पश्चात संपत्ति किसे एवं किस अनुपात में सौंपना चाहता है, इसका उल्लेख होता है, तभी सभी को विभाजित कर नाम पर की जाती है।

वसीयत कौन कर सकता है?

एक सामान्य बुद्धि वाला कोई भी व्यक्ति वसीयत कर सकता है। शर्त यह है कि वह न्यूनतम 21 वर्ष के बाद कर सकता है |

जमीन की वसीयत कैसे होती है?

वसीयत का पंजीकरण कैसे होता है ? वसीयत को एक सादे कागज पर तैयार किया जा सकता है। लेकिन इसकी वास्तविकता पर संदेहों से बचने के लिए इसे रजिस्ट्रड भी करवा सकते हैं।

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