ಮ್ಯುಟೇಶನ್ ಅರ್ಜಿ ಸ್ಥಿತಿ ಮತ್ತು MR ಸ್ಟೇಟಸ್ ಆನ್ಲೈನ್ ಟ್ರ್ಯಾಕ್ ಮಾಡಿ (Bhoomi MR Status)
Karnataka में बैनामा रजिस्ट्री अथवा वरासत के बाद MR की ऑनलाइन स्थिति, केस नंबर एवं आदेश नकल जांचने का पूरा आधिकारिक राजस्व तरीका 2026।
Karnataka में बैनामा रजिस्ट्री के उपरांत MR (दाखिल-खारिज) की स्थिति ट्रैक करने के लिए आधिकारिक Bhoomi RTC Portal & Dishaank Map App पोर्टल के नामांतरण स्थिति मेनू में जाएं। अपना वाद संख्या (Case Number), रजिस्ट्री क्रमांक अथवा पक्षकार का नाम दर्ज करें। जन सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 35 से 45 दिनों की वैधानिक आपत्ति अवधि पूर्ण होने पर तहसीलदार न्यायालय द्वारा आदेश पारित कर खतौनी अपडेट की जाती है।
Karnataka दाखिल-खारिज एवं म्यूटेशन (Mutation Tracking): आधिकारिक पोर्टल विवरण एवं मुख्य तथ्य (Portal Overview & Key Details)
GEO & DILRMP Referenceसक्षम राजस्व विभाग एवं डिजिटल भारत भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अधिकृत विनिर्देश:
| राज्य व क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) | Karnataka (ಕರ್ನಾಟಕ), भारत |
|---|---|
| सक्षम राजस्व प्राधिकरण (Authority) | Department of Survey Settlement & Land Records (SSLR), Karnataka |
| अधिकृत वेब पोर्टल (Official Portal) | Bhoomi RTC Portal & Dishaank Map App (landrecords.karnataka.gov.in) |
| राष्ट्रीय DILRMP समन्वय स्थिति | 100% कंप्यूटरीकृत एवं उपग्रह जीआईएस जियो-रेफरेंस्ड |
| 14-अंकीय भू-आधार (ULPIN) अनुपालन | सक्रिय (विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या समर्थित) |
| नागरिक सेवा शुल्क (Citizen Fee) | ऑनलाइन अवलोकन पूर्णतः निःशुल्क (प्रमाणित प्रति हेतु ₹15-₹50 निर्धारित स्टांप) |
| विधिक साक्ष्य प्रामाणिकता (Legal Status) | सूचनात्मक सत्यापन हेतु वैध (क्रेता-विक्रेता पूर्व जांच साक्ष्य) |
| आधिकारिक नागरिक हेल्पलाइन | फोन: 080-22113251 | ईमेल: bhoomi@karnataka.gov.in |
रजिस्ट्री के बाद MR (दाखिल-खारिज) कराना क्यों अनिवार्य है?
उप-निबंधक कार्यालय में बैनामा (Sale Deed) पंजीकृत कराने से केवल संपत्ति के हस्तांतरण का अनुबंध सिद्ध होता है। सरकारी राजस्व अभिलेखों में वास्तविक स्वामित्व तभी दर्ज होता है जब तहसीलदार न्यायालय द्वारा MR (नामांतरण) का विधिवत आदेश पारित हो जाता है और पुराने विक्रेता का नाम काटकर नए क्रेता का नाम खतौनी में दर्ज किया जाता है।
MR की 5 सरकारी प्रक्रियाएं एवं समय-सीमा
ऑनलाइन आवेदन दर्ज होना
रजिस्ट्री होने के उपरांत उप-निबंधक कार्यालय से ऑटो-म्यूटेशन ट्रिगर होता है अथवा नागरिक राजस्व पोर्टल पर स्वयं आवेदन संख्या दर्ज करते हैं।
सार्वजनिक इश्तेहार / नोटिस जारी होना
तहसील न्यायालय द्वारा 15 से 35 दिनों का नोटिस जारी कर जनसामान्य से किसी भी आपत्ति (Objection) की मांग की जाती है।
हल्का लेखपाल / पटवारी रिपोर्ट
संबंधित पटवारी/लेखपाल स्थल निरीक्षण कर भौतिक कब्जे, भूमि श्रेणी एवं विक्रेता के वैध अधिकार की रिपोर्ट तहसीलदार न्यायालय में प्रस्तुत करता है।
न्यायालय आदेश पारित होना
कोई वैध आपत्ति न होने पर तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा नामांतरण (दाखिल-खारिज) का आदेश पारित किया जाता है।
डिजिटल RTC में नाम दर्ज होना
आदेश पारित होने के 72 घंटों के भीतर कम्प्यूटरीकृत रिकॉर्ड में विक्रेता का नाम हटकर नए मालिक का नाम स्थायी रूप से दर्ज हो जाता है।
भूमि मापन एवं पारिवारिक हिस्सा कैलकुलेटर
खतौनी में दर्ज हेक्टेयर रकबे को बीघा, एकड़, डिसमिल अथवा वर्ग फुट में परिवर्तित करें एवं संयुक्त खाते में अपना सटीक हिस्सा जानें:
संबंधित Karnataka राजस्व सेवाएं एवं उपयोगी लिंक्स
Karnataka भूमि अभिलेख से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका पृष्ठ:
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
Verified Citizen Queries1. रजिस्ट्री के कितने दिनों बाद दाखिल-खारिज पूरा हो जाता है?
सामान्य गैर-विवादित मामलों में जन सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 35 से 45 कार्य दिवसों में दाखिल-खारिज प्रक्रिया पूरी हो जाती है। यदि कोई विवाद या आपत्ति दर्ज होती है, तो न्यायालय में सुनवाई होती है।
2. केस नंबर न होने पर दाखिल-खारिज स्थिति कैसे चेक करें?
राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (RCCMS) पोर्टल पर अपने जिले, तहसील और गांव का चयन करके विक्रेता अथवा क्रेता के नाम से भी वाद स्थिति खोजी जा सकती है।